मराठ्यांच्या इतिहासाची साधने खंड दहावा (१७६१-१८१७)

पत्रांक ४४२

॥ श्री ॥ १७१८ फाल्गुन वद्य ६


श्रीमंत महाराजैधिराज माहाराजै आलीजाह दौलतरावजी सिंदे बहादुर साहेबजी योग्यः--

माहाराज चेतसिंह-बहादुरका आसिर्वाद. अपरंच. कृपापत्र दरजवाव पत्रके पौंहचा. अत्यंत षुशी व सरफराजी हासिल हुई. इहांकी सूरत आपने करजदारी व जेरवारी अहवाल कहाँ तक विनंती करै-वकत मुलाजमतके विनती करेंगे. इन दिनौमो फौज सरकार की दतीआसें अकबराबादको गई, सो जो सरकारसै जागीर इनायत भई है उसी रस्ते गई. गांव पायमाल हुए जिरात समेत. सो सरकारमो विनतीपत्र यह भेजाहै. माहाराजका भरोसा हमको सब सूरतसै है. मिती चैत्र वद ६ संवत १८५३ * बहुत का लीखै. आशीर्वाद.

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