पत्रांक १५८.
इ. स. १७६६ ता ६ मार्च. श्री. १६८७ फाल्गुन वद्य १०.
श्री महाराजाधिराज महाराज श्री राजा भारत साह हठिया रायेजी सा। बा। मौ। आवासेक व मौ। कंचनगांवके पटेल पटवारी व समस्त रयत ता। जुन वान्यादी वेळी-आगो (?) मौ। मजकूर हरदोगांव कुलबाब कुलकानू सुद्धां खेरीज हक्कदार राजश्री चिंतो विठ्ठल इ१ प्रभाकर जोशी राहुरीकर, गोत्र अत्री, सूत्र आश्वलायन, सरकानुगो सुबे खानदेशवाले इनकू इनाम पुस्तदरपुस्तकु देकर इनामपत्र मुसारनिलेकू लिख दिया है. और तुमकूं ताकीदपत्र लिखा है ऐसा जो तुमने मुसारनिलेके अमलदारोंसे रुजू होकर हरदो मौ। मजकूर का अंमल कुलबाब कुलकानू सुद्धां इनके सरकारमो देते जाना. विला हरकत काडीमात्रकी न करना, ताकीद जानना. इस ताकीदपत्र कीं नकल तुमने लेना, असल पत्र इनका इनके पास भागोटेकू रहने देना. ता। १० वद चैत्र संवत् १८२२.