[ १२९ ] ।। श्री ।। २२ एप्रिल १७५९.
(नकल).
कोलनामा लिख दघौ श्रीमहाराजाधिराजश्रीमहाराजश्रीराजाहिंदुपतिजु देवकौ एते श्रीमुख्यप्रधान श्रीबालाजी बाजीराव जीनै. आपर. श्रीराजा अमानसिंघजुसौ अरु तुमसौ आपुसमे कजिया भयौ. अमानसिंघ जुसे सु इहि बातकौ हम छान तपाउस करौ. सु तुमारी तरफकी चुक कछु नाहीं है की ए चातकौ खुनखुतरा तुमसौ कोऊ कबहुनकरे. श्रीराजासभासिंघजुकौ दरोबस्त राज्य तुह्मारो है. तिलक राज्यकौ हम तुमकौ करौ. अरु श्रीराजा सभासिंघजु श्रीदिवान खेतसिंघजुकौ जागा दई हती. सो तुम श्री पंडित गोविंदराईके आगे होई जागा दई. सो अपनी पाई तुह्मारी सेवा करै. हुकुममै रहै. तुमतै बाहिरै न परै. अरु तुह्मारे राज्यपर हमारे पैसा लगे है, सु अपनी जागीरके बरहुकुम तुमकौ पैसनकौ जुवाव करै. अरु राज्यपर देसविदेसकौ खर्चु आनि लगे सु अपनी जागाके बरहुकुम हमेस सामिल रहै. जो इन बातनमै तफावत करै तौ इनके लानै हम तुमसौ कछु रदबदल न करे; अरु न ऐ हमलगा आवै; न हमारी तरफके काहु सिरदार लगा जाई; तौ इनकी बात कुछ ना सुनै. अरु तुह्मारे भैयामतीजे चाकर भले मानस तुमतै। वाहिरे परिकै हम लगा आवै तिनकी बात कवहू न सुनै. ताके वीच ताके हजूर श्रीसमसेरबहादुरजु, श्रीगोविंदराई कोलनामा. सही मिति जेष्ट वदि १० सं. १८१५ मुः दुलारा.